Wo Meri Jindgi Mai Aayi Sirf Ye Batane,
Ke Dekh Akele Kaise Jiya Jata Hai..!!
वो मुझे देखकर सोच रहा था कि मैं यहाँ कैसे ?
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वो मुझे देखकर सोच रहा था कि मैं यहाँ कैसे ?
शायद वो भूल गया कि मैं तो मुसाफिर हूँ,
उसके दिल में मेरे लिए जगह नहीं तो क्या हुआ,
शहर तो बहुत बड़ा है..!!
BHAGI JAT
परिंदों को नहीं दी जाती तालीम उड़ानों की , वो खुद ही तय करतेहैं, मंजिल आसमानों की, रखता हो जो हौसला आसमानों को छूने का, उसको नहीं होती परवाह गिर जाने की..!! BHAGI JAT
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